How to Create a Resume (in Hindi) for 100% Success – तुरंत सलेक्ट होने वाला रिज्यूमे कैसे बनाएं?

How to Create a Resume (in Hindi) for 100% Success – तुरंत सलेक्ट होने वाला रिज्यूमे कैसे बनाएं?

अगर आप भी यह जानना चाहते हैं की How to Create a Resume (in Hindi) यानी कि रिज्यूमे कैसे बनाएं तो आप बिल्कुल सही जगह हैं। हम आपको आसान भाषा में सम्पूर्ण तरीके से समझाएंगे की एक अच्छा रिज्यूमे कैसे बनाएं।

इससे पहले कि हम जाने की रिज्यूमे कैसे बनाएं , पहले यह जान लेते हैं कि – रिज्यूमे क्या होता है?

Table of Contents

    How to Create a Resume (in Hindi) – रिज्यूमे क्या होता है?

    रिज्यूमे एक दस्तावेज होता है जो व्यक्ति के , शिक्षा, कार्यानुभव,कौशल, उपलब्धियों तथा योग्यता का संक्षिप्त एवं सम्पूर्ण जानकारी देता है।

    रिज्यूमे अक्सर आपसे किसी नौकरी के आवेदन के साथ ही मांग लिए जाता है । रिज्यूमे , नौकरी की जरुरत के हिसाब से  बदला  जा सकता है। रिज्यूमे एक तरह से  व्यक्ति के professional profile का  एक छोटा सा संक्षिप्त  विवरण होता है। रिज्यूमे सिर्फ इंटरव्यू  तक  पहुँचने का  एक   आसान रास्ता  है। रिज्यूमे के आधार पर ही उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शार्टलिस्ट  किया जाता है।

    रिज्यूमे के आधार पर ही  HR  तय करता है कि वह उम्मीदवार  उस नौकरी  के लिए उपयुक्त है या नहीं। जो योग्यतायें, कार्यकुशलता, अनुभव साक्षात्कारकर्ता  उस पद  के लिये किसी उम्मीदवार में चाहता है। वह उसे उसके रिज्यूमे से ही पता चलती हैं। एक विशिष्ट रिज्यूमे में व्यक्ति का पूर्ण परिचय, उसके पूर्व  अनुभव तथा पूर्व नौकरियों की पूर्ण जानकारी होती है।

    How to Create a Resume (in Hindi) – रिज्यूमे ४ प्रकार के होते है

    • क्रोनॉलजिकल रिज्यूमे
    • फंक्शनल रिज्यूमे
    • कॉम्बिनेशन रिज्यूमे
    • डिजिटल रिज्यूम

    आइए इन प्रकारों के बारे में थोड़ा जान लेते हैं कि किस प्रकार का रिज्यूमे आप को किस जॉब इंटरव्यू के लिए बनाना चाहिए।

    How to Create a Resume (in Hindi) – किस प्रकार का रिज्यूमे आप को किस जॉब इंटरव्यू के लिए बनाना चाहिए?

    Chronological Resume

    इसका हिंदी में मतलब “कालानुक्रमिक” होता है. इसे आसान शब्दों में  समझने के लिए तिथिनुसार भी कह सकते है. इस प्रकार का  रिज्यूमे कार्यानुभव और पद पर जोर देते है. और पहले से कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बनाये जाते है.  फ्रेशर्स के लिए क्रोनोलॉजिकल रिजूम का कोई फायदा नही होता है.अगर आप फ्रेशर हैं तो कोशिश करें कि आप क्रॉनोलॉजिकल रिज्यूमे ना बनाएं।

    इस रिज्यूमे की बनावट  में कर्मचारी के कार्यानुभव तथा वर्तमान कार्यरत पद को सबसे ऊपर लिखा जाता है. इसके बाद क्रमानुसार पिछले कार्य तथा पदों को वर्णन किया जाता है.

    इस रिजूम का नाम क्रोनोलॉजिकल इस बनावट के आधार पर ही  पड़ा है.

    Functional Resume

     फंक्शनल रिज्यूमे आपके कौशल-आधारित (Skilled-Based) होता है.

    इसमें आप अपनी प्रोफेशनल प्राप्तियों तथा सीखे गए कौशलों को पद के अनुसार लिख सकते है. और नियोक्ता तथा पद के लिए प्रासंगिक उपलब्धियों पर ज़ोर दे सकते  है.

    यह रिजूम नई इंडस्ट्री में जाने वाले जॉब सीकर सबसे अधिक इस्तेमाल करते है. खासकर वे लोग जो करियर में गैप लेते है. इसके अलावा किसी खास स्किल को दर्शाने के लिए भी फंक्शनल रिजूम का इस्तेमाल होता है.

    Combination Resume

    सभी करियर कोच एक सलाह देते है कि अपना रिज्यूमे नियोक्ता और पद के अनुसार ही बनाना चाहिए. ये बात शत प्रतिशत सही है और कॉम्बिनेशन रिज्यूमे पर लागु होती है.

    इसे हिंदी में हम  मिश्रित रिज्यूमे भी  कह  सकते है. इस  रिज्यूमे में आपके कार्यानुभव का भाग क्रोनोलॉजिकल रिज्यूमे से लिया जाता है और स्किल्स एवं प्रोफेशनल प्राप्तियों को दर्शाने के लिए फंक्शनल रिज्यूमे के फॉर्मेट को अपना लिया जाता है.

    इस तरह एक कॉम्बिनेशन रिज्यूमे में दो रिज्यूमे के गुण समाहित हो जाते है. इस तरह के रिज्यूमे सामान्य रिज्यूमे से अलग नजर आने के लिए ही बनाए जाते है.

    यदि आप फ्रेशर है, आपके पास वर्क एक्सपीरियंस कम है या आप अभी-अभी ग्रेजुएट हुए है तो फंक्शनल रिजूम आपके लिए सबसे अच्छा है. मैं नए जॉब आवेदकों को इसी रिज्यूमे को बनाने की सलाह  देना चाहूंगी.

    Digital Resume

    21वीं सदी डिजिटल है आजकल हर चीज़ ऑनलाइन हो रही है, ज्यादातर लोग अपना सारा काम ऑनलाइन ही कर लेते हैं । सरकार भी अपना काम डिजिटल प्लैटफॉर्म्स में ही  करवा रही है. तो आम नागरिक को तो ना चाहते हुए भी डिजिटल होना पड़ रहा है।

    इसलिए डिजिटल रिजूम की उपयोगिता भी बढ़ती ही जा रही है.

    आप सभी को शायद ये जानकारी ना हो कि डिजिटल रिजूम क्या होता है? इसे कैसे बनाते है?

    चलिए, मैं बता देती हूँ कि एक डिजिटल रिजूम क्या होता है और इसे कैसे बनाते है? डिजिटल रिजूम किस काम आता है और इसे बनाने के फायदे क्या हैं!

    इंटरनेट साधनों के जरिए जिस रिजूम को बनाया जाता है उसे डिजिटल रिजूम कहते है. यह सॉफ्ट कॉपी में ही होता है मतलब आपके मोबाइल या कंप्यूटर में रहता है, इसे हार्डकॉपी पर प्रिंट के लिए नहीं बनाया जाता है.

    डिजिटल रिज्यूमे को वेब तकनीक की भाषाओं जैसे  HTML, CSS आदि के द्वारा लिखा जाता है. जिसे एक  वेब एड्रेस दिया  जाता है. इसे Resume URL भी कहते है. कोई भी व्यक्ति इस रिजूम यूआरएल के माध्यम से डिजिटल रिजूम को एक्सेस या प्राप्त कर सकता है.

    आपकी सोशल मीडिया प्रोफाईल जैसे फेसबुक, लिंक्डइन, ट्विटर तथा पर्सनल वेबसाइट भी एक प्रकार का डिजिटल रिजूम है.

    बहुत सी जॉब के आवेदन में आपसे सीवी भी मांग लिया जाता है , तो चलिए ये भी जान लेते हैं कि

    CV क्या होता है?

    CV का पूर्ण प्रपत्र होता है Curriculum Vitae. यह latin भाषा के शब्दों से मिलकर बना है जिसका मतलब होता है ‘course of life’। सीवी हमेशा आपके बारे में डिटेल में बताता है और इसकी लंबाई 2 से 3 पेज तक की होती है, कभी कभी यह 4 पेज का भी हो सकता है लेकिन इससे ज्यादा  का नहीं होता।

    Resume और CV में मुख्य अंतर क्या होता है? – Difference between Resume and CV

    Resume और CV ये दो शब्द एक-दूसरे के लिए परस्पर इस्तेमाल किए जाते है. क्योंकि इन दोनों शब्दों को एक ही मान लिया गया है.

    लेकिन, ये दोनों शब्द अलग-अलग है और भिन्न अर्थ तथा उद्देश्य रखते है.

    चलिए अब अपने नाखून मत चबाइए! मै बताती हूं दोनों में क्या अंतर है।

    रिजूम और सीवी दोनों को नए जॉब ढूँढ़ने के लिए ही बनाया जाता है. लेकिन, कुछ युनिवर्सीटीज यानी महाविद्यालयों में एडमिशन देने से पहले भी रिजूम मांगा जाता है. रिजूम को लगभग सभी इंडस्ट्रीज में अपनाया गया है. वहीं सीवी केवल शैक्षिक(टीचिंग), विज्ञान(साइंस), कानून (लॉ) तथा मेडिकल इंडस्ट्रीज तक ही सीमित है.एक रिजूम अधिक से अधिक दो पन्नों में ही बनाया जाता है. लेकिन, सीवी की लंबाई आमतौर पर 4 पन्नों तक होती है. जो घटाई-बढ़ाई जा सकती है.

    आइए अब जानें की रिज्यूमे कैसे बनाते हैं (Let us discuss How to Create a Resume?)

    How to Create a Resume (in Hindi) – रिज्यूमे कैसे बनाएं?

    रिज्यूमे बनाना बहुत आसान होता है  आप उसे मोबाइल या कंप्यूटर दोनों में बना सकते है। अगर आपके पास कंप्यूटर नहीं है तो भी आप अपने मोबाइल में रिज्यूमे बना सकते है , इसके लिए आप अपने मोबाइल के प्ले स्टोर से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड(microsoft word) ऐप डाउनलोड करे तथा ध्यान रखें कि उसका फ़ॉन्ट साधारण रहे  या तो आप गूगल से बनी बनाई टेम्पलेट चुन सकते है जो फ्रेशर या एक्सपीरियंस्ड अपने हिसाब से देख सकते है जो आपको सही लगता है, यह वर्ड में रिज्यूमे बनाने से सरल होता है, तथा इसमें आप को एक फॉर्मेट भी मिल जाता है जिस से बहुत आसानी होती है.

    आजकल वैसे भी गूगल का ज़माना है, हर चीज़ आसानी से उपलब्ध है आपको दोनों में से जो  भी तरीका चुन ना  है आप चुन सकते है दोनों ही सही हैं।ये ध्यान में रखना चाहिए कि आपका रिज्यूमे प्रारंभिक प्रभाव आमंत्रित करने वाला, आकर्षक और पेशेवर होना चाहिए। 

    यह निर्धारण आमतौर पर कुछ ही सेकंड के भीतर कर लिया जाता है, इससे पहले कि पाठक वास्तव में आपका रिज्यूमे पढ़ना शुरू करता है इसलिए आपके रिज्यूम के सामान्य लेआउट और प्रारूप को पाठक को पाठ में आमंत्रित करना चाहिए।  यदि इस पहले टेस्ट में रिज्यूमे विफल हो जाता है, तो हो सकता  है कि निर्णय लेने वाला आगे नहीं जाए।

    इसके बाद

    How to Create a Resume (in Hindi) – रिज्यूमे कैसे बनाएं: निम्न लिखित क्रम से  रिज्यूमे बनाएं

    पर्सनल डिटेल्स(Personal details)

    How to Create a Resume Step 1:

    सबसे पहले आपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी प्रदान करें जिसमें आपका नाम, पिता का नाम , पता, मोबाइल नंबर तथा ईमेल हो। अपना प्रोफेशनल ईमेल ही दे, कुछ भी आलतू फालतू जानकारी ना दे ।आप अपने रिज्यूमे में अपना लिंक्डइन प्रोफ़ाइल भी दे सकते हैं,
    Facebook and Twitter की तरह LinkedIn  एक प्रोफेशनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां पर प्रोफेशनल लोग अपने experience, अपनी प्रोफेशनल लाइफ, अपनी काबिलियत (skills), educational details इत्यादि शेयर करते हैं. मैं  आपको सलाह दूंगी की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल ज़रूर दें!आपके पास अगर लिंक्डइन प्रोफ़ाइल नहीं है तब भी कोई परेशानी नहीं है आप बनाना चाहें तो बना सकते हैं।

    कैरियर आब्जेक्टिव (Career objectives)

    How to Create a Resume Step 2:

    यह रिज्यूमे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसमें आप अपने पिछले नौकरी के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं और अगर आप फ्रशेर हैं तो आप अपने कैरियर आब्जेक्टिव के बारे में २-३ लाइन लिख सकते हैं जिसमें आप यह दर्शा सकते हैं की आप कितनी मेहनत कर सकते हैं और आपकी क़ाबिलियत क्या हैं ।

    इसे हमेशा अपनी एक मजबूत विशेषता के साथ शुरू करें, २-३ कौशल जोड़ें, अपने पेशेवर लक्ष्यों का वर्णन करें, और कहें कि आप कंपनी के लिए क्या करने की उम्मीद रखते हैं।  जिस पद के लिए आप आवेदन कर रहे हैं उसे बताएं और कंपनी के नाम का प्रयोग करें। 

    इसे ज्यादा बड़ा ना रखे। यह आपके पूरे रिज्यूमे का एक सारांश होता है, यह आपके बारे में काफी जानकारी देता है ,जिस से इंटरव्यू लेने वाले को आपका रिज्यूमे आगे पढ़ने में दिलचस्पी आती है.

    क्वॉलीफिकेशन(Qualifications)

    How to Create a Resume Step 3:

    इसमें आप अपने  एजुकेशन  के बारे में लिख सकते हैं जैसे आपके १०वी, १२ वी तथा कॉलेज कि पढ़ाई में कितना प्रतिशत स्कोर था। यह आपके पहले के नॉलेज के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

    अपनी शैक्षिक योग्यताओं का वर्णन करते समय निम्न जानकारी देना पर्याप्त होता है.

    • संस्था का नाम
    • डिग़्री का नाम
    • उतीर्ण वर्ष

    प्रोजेक्ट (Projects)

    How to Create a Resume Step 4:

    यह एक ऐसा खंड है जिसे अतिरिक्त योग्यताओं को प्रदर्शित करने के लिए शामिल किया जा सकता है जो उन नौकरियों के लिए प्रासंगिक हैं जिनमें आप आवेदन करने में रुचि रखते हैं।अपने एजुकेशन के अलावा अगर आपने कोई प्रोजेक्ट बनाया है तो उसके बारे में जानकारी प्रदान करे तथा अगर आपने कोई इंटर्नशिप या ट्रेनिंग  करी है तो उसके बारे में ज़रूर जानकारी दें।

    एक्सपीरिएंस (Experience)

    How to Create a Resume Step 5:

    अगर आप फ्रेशर है तो आपको ये पॉइंट छोड़ना है, लेकिन जिन लोगों के पास वर्क एक्सपीरियंस है उन लोगों को अपनी पुरानी जॉब, उस ऑर्गनाइजेशन का नाम, आपका रोल , तथा आपने कितने समय तक वहां जॉब की यह सभी जानकारी  देनी होती है। यह आपकी गुणवत्ता तथा आपके कार्यकौशल के बारे में जानकारी देता है।

    हॉबी एंड इंटरेस्ट (Hobbies and interests)

    How to Create a Resume Step 6:

    एक हॉबी यानी शौक़ एक ऐसी चीज है जिसे आप नियमित रूप से और लगातार भाग लेने का आनंद लेते हैं, जबकि रुचियां यानी इंटरेस्ट (interest) उन विचारों को दर्शाती हैं जो आपको आकर्षक लगते हैं या ऐसे अनुभव जिनका आप सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं।

    अपने रिज्यूमे में आप अपनी हॉबी तथा इंटरेस्ट ज़रूर लिखें और ध्यान रखें कि सच ही लिखें क्योंकि कभी कभी आपसे साक्षात्कार में हॉबी के बारे में जानकारी भी मांग ली जाती हैं।  मान लीजिए आपने लिखा कि आपको फुटबॉल खेलने में रुचि है तो हो सकता है आपसे पूछ लिया जाए कि हमारे देश की फुटबॉल टीम का कप्तान कौन है। इसलिए जो लिखें सच ही लिखें और उसके बारे में जानकारी भी रखे।

    एचीवमेंट्स (Achievements)

    How to Create a Resume Step 7:

    इसमें आपके द्वारा जीती गई कोई भी गतिविधि/प्रतियोगिता दर्शा सकते है जो स्कूल स्तर पर आपके नेतृत्व की गुणवत्ता को प्रदर्शित करती है…

    आप इसमें अपने जीते हुए पुरस्कारों तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रमाण पत्रों को भी दर्शा सकते है

    कॉलेज में आपने किसी टीम का नेतृत्व किया हो तो वह भी दर्शा सकते है जिस से आपके नेतृत्व के गुण झलक पाएं।

    आप इसमें अपने  स्कूल या कॉलेज में हुई अन्य गतिविधियों में भागीदारी – जैसे खेल, गायन, वाद विवाद प्रतियोगिता,एंकरिंग, कुछ भी जो आपके आत्मविश्वास को प्रदर्शित करता है और आप कठिन कार्य को कैसे संभाल सकते हैं को दर्शा सकते हैं. उन्हें लिख सकते है।

    रेफरेंस(Reference)

    How to Create a Resume Step 8:

    अगर आप किसी के रेफरेंस से उस नौकरी के लिए  अप्लाई कर रहें हैं तो उस व्यक्ति का नाम तथा मोबाइल नंबर ज़रूर लिखें।हो सके तो उस व्यक्ति से ये भी कह दें कि एक बार इंटरव्यू सेल में बात कर लें, इस से आपको इंटरव्यू में बुलाने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

    आइए अब जानें रिज्यूमे बनाते वक़्त किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए

    How to Create a Resume (in Hindi) – रिज्यूमे कैसे बनाएं: रिज्यूमे बनाते वक़्त किन बातों का खास ध्यान रखें

    अपने रिज्यूमे के प्रत्येक सेक्शन के शीर्षकों को बाकी टेक्स्ट से थोड़ा बड़ा बनाएं ताकि उसे पढ़ने में आसानी हो, उसे ज्यादा तंग ना बनाएं शब्दों भरा हुआ रखने  से रेज़्यूमे अच्छा नहीं लगेगा।

    अपने रिज्यूमे को साफ तथा साधारण रखे, आपको अपनी फोटो लगाने की जरूरत नहीं है, आप जॉब के लिए अप्लाई कर रहें है अपने विवाह के लिए नहीं!! हो सके तो १ पन्ने से ज्यादा का रिज्यूमे ना बनाएं और आपके कोशिश करे कि रिज्यूमे में जो भी लिखा हो उसकी अपनी एक अलग विशेषता हो। हो सके तो अपने रिज्यूमे का एक प्रिंट निकाल कर देख लें कि सारे शब्द एक उचित दूरी पर हों.

    एक बार अपना रिज्यूमे ज़रूर पढ़े और याद रखें कि उसमें आपने क्या क्या लिखा हैं और यह ध्यान रखें की जो भी जानकारी आप प्रदान करें सब सही तथा सच हो.

    कोशिश करें कि सारी जानकारी  का संक्षिप्त विवरण  हो तथा व्याकरण का सही उपयोग करें क्योंकि एक गलती आपकी मेहनत पर पानी फेर सकती है ,एक बेहतरीन रिज्यूमे आपके चयन होने की उम्मीद को 0%  तक बढ़ा देता है |

    इसी तरह आप अपने कंप्यूटर में भी रिज्यूमे बना सकते हैं।

    आशा है आपको इस पोस्ट  से मदद मिली  होगी।

    अपना कीमती वक़्त देने के लिए धन्यवाद!

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